खुद से भाग रहा अब इंसान

खुद से वही इंसान भागता है जिसने सबकी नजर बचाकर कोई कार्य किया है या वो इंसान खुद से भागता है जिसने किसी को बहुत पीड़ा दी है अपनी आत्मा तो धिक्करती ही है चाहे कोई भी इंसान अनुचित कार्य करके अपने आपको कितना भी सफल समझे

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