देवदासी भाग 484

मैं झूठ क्यूँ बोलूंगा

मैं तो तुम्हारा ही आदमी हू मैं इसे ले जाने आया हू वीर सिंह ने कहा

अब नहीं ये नहीं हो सकता और सब झूठ है तुम्हारा इरादा ठीक नही

और एक घूंसा वीर सिंह को मार कर बोला की नहीं एसी ही बात है तुम्हारा मतलब कुछ और है

अब वीर सिंह तो मार झेल नही सकते

वो एक ठाकुर का खून वो किसी की मार झेल नही सकते उन्हें भी गुस्सा आ गया और उन्होंने भी उस आदमी की गर्दन पकड़ कर उसे गुस्से से एक तरफ गिरा दिया

अब वो आदमी भी जोर जोर से चिल्लाने लगा बचाओ बचा लो

उसकी अवाज कई लोग सुन कर रुक गए और सब लोग उसके ही आदमी थे

अब सारे आदमी रुक गए और वीर सिंह को मारने लगे

वीर सिंह तो पूरे वीर थे और उनके हाथो मे अभी बहुत शक्ति थी

तीन को तो उन्होंने अपने हाथों से उठा बाहर नीचे फेक दिया

लड़ाई झगड़ा बढ गया वीर सिंह तो बहुत ताकत वर थे क्रमशः

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