
एहसास लिखूँ?
जज़्बात लिखूँ?
या तुमसे वो पहली मुलाकात लिखूँ??
दिन लिखूँ की रात लिखूँ?
या तुझसे जुड़ी हर बात लिखूँ??
कुछ पल लिखूँ?
कुछ दिन लिखूँ?
या उम्र भर का साथ लिखूँ??
कलम की नोक जब लगती मेरी डायरी में,
ये सवाल रहते घूमते क्या लिखूँ अब इस रात मैं??
तुम हो सवाल ,तुम ही जवाब;
तुम फल मेरे सवाब का ।
तुम हो खुशी ,तुम दर्द हो;
तुम हो सच मेरे कई अनकहे ख्वाब का।।
-🌹🌹❤❤
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