क्यूं आ गये इस भीड़ भरी शहर🌃🌆🏭🏢 में जहाँ न दिन का और न हीं रात का पता चलता है .. .. मेरा तो वो अपना प्यारा सा गाँव🏡🏠🏕️🏘️ हीं निराला था … जहाँ उगते हुये सूरज 🌄 के साथ अपने खेतो में जाना और अस्त होते सूरज 🌅 के साथ अपने घर को वापस लौटना … आज भी याद है हमें अच्छे से … एक गाय हुआ करती थी और उसका एक छोटा सा बछड़ा था जो वह उसे बहुत हीं प्यार करती थी … 🥳😘🥰❤️🇮🇳हम सब अपने खेतो से हरी – हरी घास गाय के लिये लाते थे जो वह उसे देखकर बहुत हीं प्रसन्न होती थी 😘💖🥰🥰
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