जब विश्वास उठ जाता है
तकदीर का भरोसा भी रह जाता है
जब लोग दगा दे जाते हैं
कदम जब दुख जाते हैं
जब हिम्मत जवाब देती है
आँखों का पानी सूख जाता है
रोते रोते चेहरे की आभा चली जाती है
जब अपने ही लहू पीने लगते हैं
थोड़ी सी सांस बच जाती है
आँख तभी खुलती है जब
जीवन मे कुछ बच जाता है
तब खुद को बचाने के लिए थोड़ी सी अक्ल आती है
जब चेहरे एक जैसे लगने लगते हैं लोगो के
❤❤😔😔
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