कुछ गलतियां लोग लड़कपन मे कर जाते हैं जिसका फल उन्हे आगे भुगतना पड़ता है
एक छोटा लड़का हमारे मुहल्ले मी गुड़ बहुत खाता था
रोटी मे गुड़ की पोन्गी बना कर खाता था
गुड़ का शरबत
दाल चावल के साथ गुड़
पराठे सब्जी के साथ गुड़ खाता था
अब जब वो जवां हुआ तब भी वो गुड़ खाता था
शादी के समय भी वो खूब मिठाई, जलेबी, राबड़ी खा रहा था उसके भाई की शादी मे खूब धूम धाम थी
हम लोग भी गए हुए थे वो किसी की बात ही नहीं मान रहा था कोई क्या करता
एक दिन उसके मल की जगह सूज गई और पक गई
अब उसके छोटी सी उम्र मे ही बवासीर की शिकायत हो गई और आज तक वो उसी शिकायत से जूझ रहा है बच्चे हुए, शादी हुई परंतु उसके चार बार ओपरेशन हो चुका
आ वो आज भी कहता है की मै गुड़ न खाता तो मेरे ये न होता
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