वक़्त की आवाज सुनो

वक्त वापस नहीं आता है –
वक्त की खासियत है कि वह लौटकर वापस नहीं आता है,
वक्त तो चला जाता है पर अपनी यादों को छोड़ जाता है।
वक्त ने कहा मैं कभी रुकता नहीं और निरंतर चलता हूं,
अपने साथ चलने को औरों को भी मैं कहता रहता हूं।
जो मुझे पहचानते हैं मेरी कीमत को जानते मानते हैं,
मैं भी उनको मानता हूं वही धनी होते सब उन्हें जानते हैं।
वक्त ने कहा मैं नहीं सोता पर औरों को वक पर सोने देता हूं,
मैं सही वक्त पर सही काम करता और सही काम होने देता हूं।
जो वक्त का सदुपयोग करता है वक्त भी उसका साथ देता है,
जो वक्त की कीमत नहीं समझता वह वक्त से हाथ धो देता है।
वक्त की कीमत समझें और वक्त का सम्मान करें वक्त साथ है,
वक्त अगर निकल गया तो वस वक्त की मात्र यादों का साथ है।

ऐसा कतई नही है.. मूल जरुरत गाँव हीं पूरी करता है..

तुलना करना सही नही है. दोनों की अपने जगह पर अलग विशेषताये है.. लेकिन गाँव से शहर बना. शहर से गाँव नही…

पेड़ कितना भी समृद्ध और मजबूत हो जायेगा, जड़ के कमजोर होने से खोखला जर्जर के अलावा कुछ नही रह जाता… 😊

बाकी हजारों लोग हजार मानसिकता और सबकी अपनी धारणा है.. 👍🏻

वक़्त कभी वापस नहीं आता है जी लो अपनी जिंदगी के हर पलों को

स्वीकार करो मन से जो तुम्हे मिला

❤❤

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