शेक्सपिअर ने कहा था की
मैं रोता हूं, क्योंकि मेरे पास जूते नहीं
है। लेकिन मैं तब चुप हो जाता हूं, जब
देखता हूं कि सामने वाले व्यक्ति के पास
पैर ही नहीं है।
इसलीये परिस्थितीओ को कभी भी कोसना नही चाहीये उसे बेहतर बनाने के लिये मेहनत करनि चाहीये
जीवन बहोत सुंदर बन जायेगा..😊
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