क्यूँ ना बेफिक्र होकर सोया जाये…!! अब बचा ही क्या हैं जिसे खोया जाये…!!!

हमारे पास पर्याप्त पूंजी है कुछ बचा कुछ गया, जो गया जाने दो अभी बहुत कुछ जाएगा

लोग जाएंगे

रिश्तेदार जाएंगे

मित्रों का मेला जाएगा

दुनिया का खेल जाएगा

अपने लोग बदल जाएंगे

सभी के विचार बदल जाएंगे

शरीर का रूप रंग बदल जाएगा

सुन्दर शारीर जिसपर झूमने लगते थे देखकर

वो भी अलग लगने लगेगा

आइना मुह चिढ़ा कर कहेगा चल अब सो जा चैन से अब बचा क्या है

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें