दुनिया की शांति खुद के अंदर

शांति की प्राप्ति के लिए हम कहाँ नहीं जाते

परंतु हम ये भूल जाते हैं कि असली शांति हमारे पास ही है

हम शांति पूर्ण रूप से अपने घर में रहते हैं

किसी को भी अपशब्द नहीं कहते

अपने काम को सही समय पर पूरा करने का प्रयास करते हैं

कभी कभी आपने अपने अंदर झाँक कर देखा है

बाहर के कोलाहल से कभी अपने आपको दूर किया है

आप सोंचते है कि ये जीवन कितना कीमती है

ये हमे कितनी मुश्किल से मिला है

जीवन की खुशिया आपके पास पर्याप्त रूप से है

आप सबकुछ ठीक से समझने की कोशिश करते हैं या नहीं

नहीं तो आपको अशांति है

जो कुछ बीत गया है उसमे सिर्फ अशांति ही है उसकी याद करना अशांति को जन्म देने के बराबर है

इसलिए दुनिया की शांति अपने ही पास है।

4 responses to “दुनिया की शांति खुद के अंदर”

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