और उधर वीर सिंह डाकुओं को पहाड़ी के नीचे फेंक कर अपने आदमी के साथ सौम्य सिंह की हवेली मे जल्दी से आ जाते है सौम्य सिंह वहां नहीं होते है
वीर सिंह उससे कहते है कि आप यहां आराम करो मैं अभी आता हू सौम्य कहा हैं
सौम्य सिंह का आदमी कहता है कि अभी तक वे यहां नहीं आए आप इन्हें यहां छोड़ दो मैं इनकी देखरेख करूंगा
नीरज कहते है कि मेरी पत्नी कहाः है मैं बहुत चिंतित हू उसके लिए
वीर सिंह कहते हैं कि आप उनकी चिंता मत करो वो सौम्य के साथ ही है
और मैं अभी जल्दी में हू बादमें बात करूंगा आप अभी आराम करो वो जहां भी होंगी ठीक होंगी क्रमशः

टिप्पणी करे