उधर सुरुचि के पास कामिनी आती हैं और खुद उसके हालचाल पूछती है उनके दोनों बेटे अभय और रोहित आते है
वे दोनों अपनी बड़ी बड़ी आखों से सुरुचि को देखते हैं
कामिनी सुरुचि को आराम करने के लिए कहती हैं और चली जाती है
दोनों बेटे वहीँ पर खड़े होकर सुरुचि को देखते है सुरुचि भी उन दोनों को गौर से देखती है
आखिर मे सुरुचि से अभय बात करने लगता है पूछता है कि वो कहाँ से आई हैं
सुरुचि कहती हैं कि बेटा मुझे कुछ नहीं पता मैं कहाँ से आई हू
रोहित कहता है चाची आप आराम करो हम जाते हैं थोड़ी देर मे आएंगे माँ गुस्सा होंगी अगर आपकी तबीयत खराब हो गई तो
तभी गीता आती है और कहती है कि अच्छा तुम दोनों यहां हो चलो आज स्कूल नहीं जाना क्या गाड़ी आती होगी माँ बुला रही हैं
आते है आप चलो और बुआ मेरे लिए आज क्या बनाया है
आज तो हलवा बना है सभी के लिए
आप अभी स्कूल के लिए बना दूंगी चलो जल्दी करो और दोनों का हाथ पकड़ कर खींच ले जाती है क्रमशः

टिप्पणी करे