देव दासी भाग 497

कामिनी कहती है कि वैध जी भी आए हुए है उनको दवा देंगे वो बहुत बीमार है

वीर सिंह कहते है अच्छा और कहते हैं कि आराम का समय नहीं है कुछ जल्दी से खाने को लाओ मैं सौम्य के घर जाऊँगा अगर सौम्य ना आए तो

तभी गीता कहती हैं भैया आप आ गए

वीर सिंह कहते है जाओ बहन कुछ खाने को लाओ सौम्य भी आएगा अभी उसके लिए भी लेती आना मैंने उसे बुलाया है अभी

उधर सौम्य सिंह अपने घर जाते है वहां पर मंजू लता के पिता से कहते हैं कि आप चिंता मत करना मैं आपकी पत्नी को वीर सिंह के यहां छोड़ कर आया हू वहां पर उनकी पत्नी बहन और भी परिवार के सदस्य है वे सब उनकी देखरेख करेंगे मैं जल्दी में था

क्रमशः

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