रूपा बहुत ही खुश थी वो अपने कपड़े पहन कर श्रंगार करके पूजा की सारी तैयारियां कर चुकी थी
साथ मे रिकी भी थी सुनीता भी पूजा की तैयारियां कर चुकी थी अब थोड़ी देर के बाद चांद निकलने ही वाला था छत पर सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थी
सब सुहागिन चांद को देखने के लिए व्याकुल थी
दिए भी रखे थे
और तभी पापा जी चिल्लाए अरे चांद आने वाला है
और थोड़ी देर में चाँद अपनी नारंगी आभा बिखरने आसमान मे आने ही वाला था इसकी रोशनी इतनी ज्यादा सुंदर थी कि देखते ही बनती थी भगवान की दया से आसमान भी साफ़ था
सभी सुहागिनों ने अपने अपने पति का दिया जलाया
उनके दीर्घायु की प्रार्थना करने लगी रूपा भी दिया जलाय बैठी थी
उधर प्रीति भी अपने लाल शादी के जोड़े मे जेवर पहन कर आ गई
उसने भी अपने पति के लिए कामनाएँ की
चाँद अपनी सुन्दर रूप लेकर आज प्रकाशित हुआ आसमान मे क्रमशः

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