गरीब लोगों के पैसे क्यु मारते हो

जैसे मैंने कई बार लोगों को सब्जी वालों फल वालों और फुटपाथ मे सामान बेंचने वालों के साथ पैसे कम देते हुए देखा है

ये देखकर मैं सोचती हू की उन लोगों को कम पैसे देकर क्या कोई कुछ बचा लेगा

मैंने बड़ी बड़ी दुकानों मे बैठे हुए सेठ लोगों को खुले आम लोगों से ज्यादा पैसे लेते हुए देखा है उनसे कोई मोल भाव नहीं कर पाता है

वे सब ज्यादा दाम ले लिया करते हैं और हम लोग देकर चले आते है

लेकिन फुटपाथ पर बैठे दुकानदारों के साथ क्यों लड़ाई-झगड़े करते हैं

एसा नहीं करना चाहिए

मैं ये नहीं कहती की उन्हें ज्यादा पैसे दे दो लेकिन उन्हें इतना कम भी ना दो की वे भरपेट खाना भी ना खा सके

वो लोग सारा दिन मेहनत करते हैं सब्जी लाते है और थोड़े से पैसों के लिए सारा दिन बैठे रहते हैं

हमारे पास पर्याप्त पैसे है उन लोगो पर जोर दबाव नहीं डालना चाहिए

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