अगर सूखे पत्ते मुरझाने लगे हैं तो डाली भी साथ छोड़ देती है डाली से टूट कर पत्ते कभी हरियाली नहीं देते दोबारा। टूटे दिल को कितना भी जोड़ डालो कसम खा लो चाहे खाओ जहर टूटे हुए दिल नहीं जुड़ते है दोबारा
डूबी हुई कश्ती,खोया हुआ किनारा।
इस जहां में फिर ,मिलते नहीं दुबारा।।
खोया आसमां भी, ना टिके पांव जमीं पे।
बिछड़े जो एक बार, मिलते नहीं दुबारा।।
हार मे जीत है जीत मे ही हार है मेहनत कश कभी हौसलों को नहीं छोड़ते, अगर एक बार उम्मीद टूटी तो हौसले नहीं आते दोबारा
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