और जयश्री को गोद में उठाकर कहती की बिटिया ठीक हो गई भगवान की बड़ी दया है इसे ठीक से रखना
भगवान इसके बाप को सद्बुद्धि दे की बेटी अपनी किस्मत का लाती है
पता नहीं कितना क्रूर बाप है वो
कल्लू कहते है कि मैं रिक्शा चालक के पास जा रहा हू
वो भी अभी चाय पीने गया था
और रिक्शा चालक आ जाता हे
रिक्शे मे सामान रख लिया जाता है
बक्सा भी पीछे रख लेते है मौसी और नीलू बैठ जाती है बिटिया को गोद मे ले लेती है
सुधा की अम्मा मौसी से गले मिलती हैं नीलू उन्हें प्रणाम करती हैं
मौसी कल्लू से कहती है कि बेटा तुम ना होते तो हमारा होता और कहती है कि घर जरूर आना, जुग जुग जियो बेटा खूब तरक्की करो
क्रमशः

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