बेबसी की मारी भाग 247

और जयश्री को गोद में उठाकर कहती की बिटिया ठीक हो गई भगवान की बड़ी दया है इसे ठीक से रखना

भगवान इसके बाप को सद्बुद्धि दे की बेटी अपनी किस्मत का लाती है

पता नहीं कितना क्रूर बाप है वो

कल्लू कहते है कि मैं रिक्शा चालक के पास जा रहा हू

वो भी अभी चाय पीने गया था

और रिक्शा चालक आ जाता हे

रिक्शे मे सामान रख लिया जाता है

बक्सा भी पीछे रख लेते है मौसी और नीलू बैठ जाती है बिटिया को गोद मे ले लेती है

सुधा की अम्मा मौसी से गले मिलती हैं नीलू उन्हें प्रणाम करती हैं

मौसी कल्लू से कहती है कि बेटा तुम ना होते तो हमारा होता और कहती है कि घर जरूर आना, जुग जुग जियो बेटा खूब तरक्की करो

क्रमशः

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