उत्तम वहीँ पर होते है मेघना उत्तम से लिपटी रो रही थी
उत्तम उसके आंसू पोंछ रहें थे
अतुल पैसा लेकर वहां पहुंचता है और उत्तम के हाथ मे पैसा देता है
उत्तम पैसा गिनकर कहते हैं कि इसमे तो सिर्फ दवाईयां ही आ पाएंगी
खेत बेंचने की बात हो गई है दो चार दिन मे खेत का पैसा आ जाएगा लोन के लिए भी कहा है
अगर जरूरत पडी तो कॉलोनी का मकान बेंच दूँगा मुझे तो अपनी पत्नी को बचा ही लेना है
अब तो अतुल बहुत परेशान हो जाता है वो कहता है भैया ये पैसा रख लो मैं अभी और जुगाड़ करता हू। क्रमशः

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