
जीवन एक सफर है
इसमे सारे अनुभव मिलते है
सारी पीड़ा गौर करने से ही मिलती है
ये एक ऐसा विषय है जिस पर विचार करते करते जीवन भी कम पड़ता है
यहां पर हमारी कितनी मौते हो चुकी है हमे मर मर कर जीना पड़ता है
कितनी इच्छायें लेकर हम जीते हैं
कोई पूरी नहीं होती तो कभी कभी हताश हो जाते है
फिर अगर पूरी भी हो जाती है तो दूसरी इच्छा पनपने लगती है
इच्छायें कभी हमे नहीं छोड़ती
हम अगर इच्छाओं को त्यागे तो क्या हमारा जीवन रहेगा
यहां बहुत कुछ हमारा अपनी मर्जी का नहीं होता
हमारी मर्जी से दुनिया नहीं चलती
हमे अनुकूल बनाना पड़ता है अपने आपको
अगर मदद आसानी से किसी की भी हो सकती है तो कर दो वर्ना अपने रास्ते जाओ
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