तपन जैसा होता है दुःख

दुख की स्थिति में एक सुख की लकीर ही काफी है जैसे एक गर्मी की भीषण तपन मे बरसात की कुछ बूंदे

जरूरी नहीं कि सुख की प्राप्ति सारे जीवन मे बनी ही रहे परंतु थोड़ा सा सुख दुख के बाद तो आता है

दुख एक तपन भी है और अनुभव भी जीवन के करवाता है और एक सजग और एक कामयाब इंसान भी बनाता है

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