
हे जग के रखवाले
मेरी नैया पार लगाई जो कभी डूबने वाली थी
वो तेज लहरे जो मुझे बहा कर ले जाती
मेरा अस्तित्व मिटा कर जाती
पर मैंने तुम्हें पुकारा
मैं सोचती हू की अगर इंसान चिंता करने की बजाय प्रभु का चिंतन मनन करे तो बहुत सारी समस्याओं का समाधान मिल सकता है
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