एक गरीब लड़की भाग 10

नन्ही वहां से भाग चली

और वो बिजली की तरह चलती है

बाहर राजू मिठाई लिए उसका इंतजार कर रहा कि आज लपेट लूँगा इसे

लेकिन वो तो भाग गई वो रुकी ही नहीं उसके पास

पहलवान गारू को नन्ही की चिंता होने लगी थी

लेकिन वो अपनी कसरत मे लगा रहा

नन्ही के भाई नन्ही के लिए रिश्ता देखने गए हुए थे नन्ही अपनी भाभी के साथ अकेली थी

बड़ी भाभी खेत मे थी

छोटी भाभी के साथ नन्ही थी

छोटी भाभी नन्ही को जल्दी से जल्दी निपटाकर मुक्त होना चाहती थी

लड़के का परिवार ठीक हो लड़के के घर में खाने रहने की जगह हो और क्या चाहिए

बहुत अच्छे घर मे शादी मे खेत बिक जाएगा और भाभी खेत बेचना नहीं चाहती है

भाभी नन्ही से कहती है कि राजू आज तुझे मिला था कि नहीं

नन्ही ने कहा कि वो मिला था मिठाइयाँ लिए था

परंतु भाभी बाग के अमरूद और बेर इतने अच्छे है कि वो मिठाइयाँ उसके आगे बेकार ही है

लेकिन अगर तू मिठाइयाँ ले आती तो हम लोग खाते

क्रमशः

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