प्रभु की प्रसन्नता का ख्याल

कुछ सिसकती आत्माए कहती हैं कि कुछ ऐसा करो जिससे प्रभु प्रसन्न हों

संसार तो मोह माया का जाल ही है

एक दिन तो काल के वशीभूत हर प्राणी को हो जाना ही है

गौर रहे

दूसरों की सहायता करने में सक्षम हैं तो सच्ची भगवान की भक्ति जीवों की मदद करने मे ही है

जो जीवन भोजन पानी की तलाश मे लाचार हो कर भटकते रहते हैं जो बूढ़े हो चुके हैं

जिनकी शक्ति जवाब दे चुकी है

जो मरने वाले है

हम लोगों को सांसे तो नहीं दे सकते परंतु कोशिश तो कर ही सकते हैं कि कोई कुछ दिन और धरती पर जी सके

प्रभु की गोद मे हम जीवित है प्रभु ने हमे किसी कार्य के लिए संसार में उत्पन्न किया है

हमे दिमाग दिया है

स्वस्थ शारीर दिया है

खाने के लिए अन्न दिया है जब प्रभु ने हमे इतना कुछ दिया है तो हम हम भी प्रभु की खुशी के लिए कुछ अच्छे कर्म करें



  🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
 
    करम की गठरी लाद के जग में…
                  फिरे “इंसान”

    जैसा करे वैसा भरे विधि का…
                  यही “विधान”

    कर्म करे किस्मत बनें जीवन का…
                     ये “मर्म”


    प्राणी तेरे भाग्य में है कुछ अच्छे कर्म 🌹
   

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें