क्षमा करने की दया भी अपने अंदर होनी चाहिए
सफर मे एसे लोग भी शामिल है जिनसे गलती हो जाती है
पता है कि दिल टूट जाता है तो क्षमा करने की बात तो छोड़ दो उस इंसान को देखने का भी मन नहीं होता
पर क्षमा दान से बड़ा भी कोई पुण्य नहीं है अगर कोई अपनी गलती मान कर आपके पास क्षमा याचना करते है तो उसे दिल से क्षमा कर दो
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