संयम ही सच्चा प्रेम है

प्रेम करना बुरा नहीं

प्रेम हमे एक नया जीवन देता है

एक नई रोशनी है

प्रेम मस्ती नहीं है जो आपने मर्यादा का उल्लंघन करके अपनी वासना की पूर्ति करने के लिए किया

जो प्रेम मर्यादित है वही जीवन भर रुकता है

प्रेम एक दूसरे का सम्मान और साथ देने का नाम है

आप मर्यादित प्रेम कीजिए

आजकल लोग बिना शादी विवाह के एक साथ अवैध रूप से रहते हैं

इससे संबंधो मे दूरियां बढ़ती है

गलत संबंधों से मन मे एक दूसरे के प्रति सम्मान भाव खत्म हो जाता है

प्रेम अगर सच्चा है तो सच्चा प्रेम अपने प्रेम को बर्बाद नहीं करता

जब नारी किसी नर से कहे,
प्रिय! तुम्हें मैं प्यार करती हूँ,
तो उचित है, नर इसे सुन ले ठहर कर,
प्रेम करने को भले ही वह न ठहरे।

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