कोई देखे या ना देखे जीवन अपना है इसे बचाना है अपना भी एक दादरा रखना चाहिए नियमों का अपने भी उसूलों का लिहाज करना चाहिए, जीवन कितने भी दिन का हो जब तक वश है तब तक सम्भाल लेना है किसी के बिगाड़ने या बनाने से अपना जीवन नहीं चलता, अपना जीवन अपनी सोंच और विवेक से चलता है
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