हलचल का दौर


 
    “कामयाबी” के सफर में धूप का…
            बड़ा महत्व होता है…

                    क्योंकि…
     “छांव” मिलते ही ‘कदम’ रुकने…
                   लगते हैं…

जरूरी है बहुत जगना, मिले कुछ भी नहीं सो कर।
गमी में सीख लो हंसना, कटे जीवन नहीं रोकर।
जमाने की हकीकत है, जमाना टांग ही खींचे,
सदा ही खुश रखो खुद को, किसी के प्यार में खोकर।

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