भ्रूण की आवाज

भ्रूण जो रहता है माँ के पेट मे

उसे भी संघर्ष करना पड़ता है अपने अगले जीवन के लिए

वो कहता है अपनी होने वाली जननी से

मुझे दो वो उपहार

जो ईश्वर की कृपा से

तुम मेरी होने वाली माँ

तुम प्रेम की भावनाओं का अपने अंदर संचार करो

डूब जाओ तुम भक्ति भावनाओं मे

दुनिया की परवाह ना करो

तुम से ही मुझे मिलेगा अच्छा शरीर और अच्छा मष्तिष्क

तुम ओछी बातों का करो तिरस्कार तुम

मत कलंकित अपनी कोख को

दो मुझको एसा उपहार माँ

मैं अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए

तुम्हारे अंदर आया हू

मेरी आत्मा तुमसे अलग नहीं है

तुम करो सुंदर भावनाओं का संचार

मुझे दिखाओ सुंदर प्राकृतिक सौंदर्य को

ताकि मैं भी सुंदर बन सकू

समुंदर सा हृदय हो

झील सी सोंच हो

पंछी की मधुर आवाज हो मै सुंदर लय मे प्रेम के गीत गाऊँ

तुम खाओ अच्छी चीजे जिससे मेरा शरीर बलवान बने

अपनी सोंच को सुंदर रखो

मैं बनूँ एक अच्छा नागरिक माँ

धन्य करूंगा इस धरती को

लेकर तुम्हारा ही नाम माँ

एक नेक बच्चे का दे दो मुझे वरदान माँ

👏👏👨‍👦👨‍👦👨‍👦🤲

“भ्रूण की आवाज” को एक उत्तर

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