मुझे अपनी अदृश्य शक्ति से कुछ कहना है

जो दिखती नहीं लेकिन मुझे हर पल उसका एहसास होता है

मेरी अदृश्य शक्ति मेरे करीब भी किसी को आने नहीं देती

मेरी अदृश्य शक्ति मुझसे कहती है कि कुछ दिन बाद मुझे उसके साथ चलना है

मैंने कहा तुम मुझे कहाँ ले जाना चाहते हो

वो जवाब नहीं देती

मैंने उससे कहती हू की कुछ तो अपना वो स्पर्श दो जिससे मैं जानू की वो मेरे साथ है हर पल मेरे साथ है

मुझे एकान्त प्रिय नहीं है फिर भी तुम मुझे एकान्त मे रखना क्यों चाहते हो

मुझे लगता है तुम्हें ईर्ष्या है उन सब लोगों से जिन्हें मैं अपना समझती हूं जो मुझे प्यार करते हैं

लेकिन वो मुझे प्यार करते है तुम भी तो मुझे प्यार करती हो

हर बिगड़े हुए समय मे मेरे काम आती हो

मुझे चिंता नहीं है क्योंकि जब एक सुगंधित हवा का एक ठंडा सा झोंका आता है और मुझे छू कर चला जाता है तो मुझे तुम्हारा एहसास होता है

तुम मेरे साथ कई बरसों से हो

तुम्हें मालूम है कि मैं कभी कभी तुम्हें सपने में भी देखती हू

तुम एक धुंधले कुहरे की तरह दिखाई देते हो

मेरे साथ चलते हुए

मैं जहाँ तक चलती हू तुम भी वही तक ही चलते हो

🤲

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