दुनिया में क्या नहीं होता कुछ हम जानते हैं और कुछ हम नहीं जानते हैं
कानपुर मे एक महिला को 4 वर्ष तक कोई सन्तान नहीं हुई
पति के घर वाले बहुत चिंतित हो गए तब मैंने होश सम्भाला था मैं कुछ कुछ समझने लगी थी
चाहते तो वो लोग एक बच्चा गोद ले सकते थे लेकिन वे केवल महिला को ही दोषी मान रहे थे
मैंने देखा कि वो लोग बात बात मे उसे गाली देते
उसे मारते भूखा रखते
हम लोग उनके पास दही लेने जाते था
वो बिचारी फटे कपड़े पहन कर रोती रहती और हम लोगों से कहती की मैं भूखी हू मेरे लिए रोटी ले आओ
हम लोग अपनी मम्मी से कहते और उसके लिए चुपके से फ्राक मे छुपा कर रोटी ले आते
मैं देखती की वो सुखी रोटी को छिपाकर खाती और घर का सारा काम करती
वो बहुत बीमार हो चुकी थी उसकी मदद को कोई भी नहीं आता था
एक दिन हम लोगों ने देखा कि वो आँगन मे धूप मे पड़ी हुई थी
लेकिन मुझे अच्छा ना लगता उसकी दुर्दशा देखकर
अब एक दिन मैंने देखा कि उसके घर मे एक नई नवेली दुल्हन आई थी
मैं समझी की शायद छोटे भाई की शादी हुई होगी लेकिन पता चला कि इसके पति की दूसरी शादी थी
अब मैंने देखा कि वो घर की नौकरानी बन गई और ये मालकिन
उसे खाने का सामान फेंक कर दिया जाता लेकिन वो खाती और रहती
हम लोग बराबर वहां आते जाते थे वो एक दुध का गौशाला था वहाँ के बच्चे भी हम लोगों के साथ खेलते थे
अब एक दिन मैंने देखा कि वो अपने देवर के साथ हंस हंस कर बातें कर रही थी
देवर का सारा काम करती थी उसका ख्याल रखती थीं
पहले उसका देवर गाँव मे रहता था बाद मे वो शहर आ गया था
कुछ दिनों बाद मैंने देखा कि उसका देवर उसे गोद मे उठाए हुए था और कमरे मे लेकर चाला गया हम लोग सोंचते कि इसकी हालत कितनी खराब थी लेकिन आज ये कितनी खुश है
अब कुछ दिन बाद मैंने देखा कि उसकी शादी उसके देवर के साथ ही हो गई देवर उससे प्यार करता था और उसने उससे शादी कर ली और उसे गाँव लेकर चला गया
फिर मैंने देखा कि वो वहाँ फिर आई लेकिन अब उसका पेट फुला हुआ था उसका दूसरा पति उसके साथ था
और जो पहला पति था उसकी पत्नी के अभी भी कुछ नहीं हुआ और उस महिला के कुछ दिनों बाद बेटी हुई
किसी की किस्मत को कोई देखकर नहीं आया कि इसकी किस्मत मे क्या है
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