आहत भाग 172

दीपेन्द्र कहता है कि कौन हो तुम

लड़की कहती है पहले मेरे हाथ खोले फिर बताती हू

दीपेन्द्र उसके हाथ खोलने की कोशिश करता है लेकिन वो असफल रहता है एक तो अंधेरे के कारण उसे कुछ दिखाई नहीं देता ऊपर से आँधी आ रही थी

चारो तरफ धूल ही धूल उड़ रही थी

तभी वो कुछ आदमियों को वहाँ दूर से आता हुआ धुंधली आंख से देखता है पर आँधी होने के कारण कुछ साफ़ नहीं दिख रहा था

दीपेन्द्र कहता है कि बताओ तुम कौन हो

तब रो रो कर वो लड़की कहती है कि मैं एक अभागिन हू

मेरे पति की मृत्यु हो गई है। क्रमशः

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