किसी को भूलना कितना मुश्किल होता है

जब किसी से अपने मन का और अपनी आत्मा का रिश्ता जुड़ जाता है तो उसे भूलना इतना स्वाभाविक नहीं होता नामुमकिन सा लगता है, क्योंकि हम उससे अपना रिश्ता किसी ना किसी रूप में जोड़ लिया करते है, अचानक किसी की मृत्यु होने पर हम किसी को बहुत समय तक भूल नहीं पाते क्योंकि वो हमारे मन के संपर्क मे होता है लेकिन काफी दिनों तक जब वो हमारे दिमाग से निकलने लगता है हम समझते है कि उसे याद करने मे कितनी पीड़ा है और कभी कभी हम वो पीड़ा नहीं झेल पाते है और उसे याद करने मे कष्ट महसूस करने लगते है और हमे शक्ति भी मिलती है अपना आत्मबल बनाए रखना ही बेहतर होता है जिंदगी को आगे भी तो बढ़ाना है

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