जीव दृष्टि

एक तरह से हम हम जीव पर दृष्टि डालने की कोशिश करते हैं तो देखते हैं कि हर जीव किसी ना किसी मोह माया से बंधा रहता है

जैसे कि एक पंछी सारे जीवन केवल अंडे देता है उनसे बंध जाते है फिर बच्चे होते हैं और वो उड़ उड़ कर खुद भूखा रहकर पहले उनको खाना खिलाता है और उनकी रक्षा करता रहता है

बाद मे खुद बूढ़ा हो जाता है उसके सारे बच्चे उड़ जाते हैं बड़े होकर

और फिर वो खुद अकेला रह जाता है और बीमार होकर मर जाता है

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