मैं रहूं या ना रहूं

यादें रहेंगी मेरी लेकिन कुछ दिन तक, मुलाकात ना हुई तो ना सही परंतु वो रिश्ते अनजाने ही सही जो मुलाकात के लिए तरसते रहे

लोगों के की भीड़ न सही लेकिन एक तो ऐसा होना चाहिए जो दिल की बात जुबां पर आने से पहले समझता

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