योगा के फायदे ✍️✍️



🔰 *शारीरिक फायदे ✅*

1. यह ऑक्सीजन की खपत को कम करती है।
2. यह श्वसन दर को कम करती है।
3. यह रक्तसंचार को बढ़ाती एवं हृदय गति को कम करती है।
4. यह उच्च रक्त चाप को काबू करने में सहायक है।
5.यह मुक्त कण, ऊतक क्षति को कम करने में मदद करती है।
6. यह त्वचा प्रतिरोध को बढ़ाती है।
7. यह रक्तवसा के स्टार को कम कर, हृदय रोग के खतरे को कम करती है।
8. इससे फेफड़ों में वायु के बेहतर प्रवाह के कारण सांस लेने में आसानी होती है।
9. उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करती है।
10.यह सिरदर्द की परेशानी के इलाज में सहायक है।

*मनोवैज्ञानिक लाभ:*

11. आत्मविश्वास बढ़ाती है।
12. घबराहट और भय से मुक्त करती है।
13. अपने विचारों को नियंत्रण करने में सहायता करती है।
14. एकाग्रता प्रबल करने में मदद करती है।
15. स्वयं में रचनात्मक विचारों को बढ़ाती है।
16. यह मस्तिष्क की तरंगों को बड़ा एकजुट करता है।
17.  सीखने की क्षमता और स्मृति को बेहतर करती है।
18. रिश्तों को बेहतर करने में सहायक है।
19. मस्तिष्क और समझ जागरूक एवं ताज़ा रहती है।
20. बुरी आदतों को खत्म करने में मदद करती है।
21. सृजनात्मकता को बढ़ाती है।
22. व्यक्तिगत और पेशेवर रिश्तों को सुधारने में सहायक है।
23. छोटे या अनावश्यक मुद्दों को अनदेखा करने में मदद करती है।
24. कठिन परिस्थितियों का सामना करने को क्षमता प्रदान करती है।
25. चरित्र में पवित्रता लाती है।
26. इच्छा शक्ति बढ़ती है।
27. किसी तनावपूर्ण घटना पर अधिक तेज़ी, और अधिक प्रभावी ढंग से जवाब देने में सहायता प्रदान करती है
28. बुद्धिमता विकास दर बढ़ती है।
29. संभावित मानसिक बीमारी से निजात मिलता है।
30. बेहतर मिलनसार व्यवहार बनता है।
31. आक्रमकता शांत होती है।
32. धूम्रपान, शराब के नशे से मुक्त होने में सहायता देती है।
33. ड्रग्स, गोलियां और फार्मास्यूटिकल्स पर निर्भरता कम कर देती है।
34. नींद की बीमारी के इलाज में सहायक है।
35. ज़िम्मेदारी की भावना उत्पन होती है।
36. बेचैनी भरी सोच को कम करती है।
37. चिंता की प्रवर्ति को कम करती है।
38. सुनने के कौशल और सहानुभूति को बढ़ाती है।
39. सही निर्णय लेने में मदद करती है।
40. सहनशीलता बढ़ती है।

*आध्यात्मिक  लाभ:*

41 खुशी और मन  की शांति बढ़ाती है।
42. अपने जीवन के लक्ष्य का पता चलता है।
43. करुणा और बुद्धिमत्ता में बढ़ोतरी होती है।
44. अपने और दूसरों के बारे में गहरी समझ आती है।
45. तन, मन, और बुद्धि में संतुलन पैदा करती है।
46. माफ करना सीखने में मदद करती है।
47. ज़िंदगी के प्रति नज़रिया सकारात्मक रखने में मदद मिलती है।
48. भगवान के साथ एक गहरा संबंध पैदा करने में सहायक है।
49. आज में जीने में सहायता करती है।
50. स्वयं और दूसरों के प्रति गहरे और पवित्र प्रेम की क्षमता पैदा करती है।
51. अहंभाव से परे शक्ति और चेतना की खोज पूरी होती है।


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