रघु कहता है कि ठीक है पापा आप रूपा को जल दे देना और कहना रघु ने दिया है और वो उस जल को झूठा कर देता है
और अपनी जेब से कुछ पैसे निकलता है और कहता है कि ये रूपा को दे देना पापा मैं बरामदे मे आ जाऊँगा
ठीक है बेटा खुश रहो और लोटा लेकर प्रकाश रूपा को जल देने के लिये जाते है
रिकी खाना नहीं खाती है कहती हैं कि रूपा नहीं खाएगा खाना तो आज मैं भी ऐसे ही सो जाऊँगी
मैंने तो अपने पति के दर्शन भी कर लिये और उनसे बात भी कर ली
लेकिन प्रकाश लोटा लेकर रूपा के पास जाते हैं और कह्ते है कि रूपा ये रघु ने दिया है
रूपा कहती है आप सच कह रहे हैं कि मुझे खिलाने के लिए ऐसा कह रहे हैं ये हो ही नहीं सकता रघु तो मुझसे बहुत नफरत करते हैं
क्रमशः

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