आहत भाग 173

दीपेन्द्र ने कहा कि वे सारे आदमी कौन है जो यहा आ रहे थे

उस लड़की ने कहा कि मैंने उन लोगों से उधार पैसे लिए थे पति की मौत के बाद मेरे घर मे खाने को नहीं था भूख से मेरा बच्चा मर गया

और मैंने उसके लिए पैसे लिए थे और दे नहीं पा रही थी

इन् लोगों ने मुझे पकड़ लिया

और यहाँ पर हाथ बांध कर डाल दिया मुह मे कपड़ा ठूँस दिया

अब ये लोग शराब की बोतल लेने गए है और ये लोग आज रात शराब पाएंगे और,,,,,, , ,

दीपेन्द्र ने कहा कि बस अब आगे मत बोलो मैं तुम्हें खोलने की कोशिश करता हू और वो उसे खोलने लगता था

आँधी कम हो चुकी थी और पानी बरसने लगा था मौसम ठंडा हो चुका था

तभी दीपेन्द्र देखता है कि वे सब यही ही आ रहे हैं

वो लड़की कह रही थी कि तुम छुप जाओ कहीं अपनी जान जोखिम मे मत डालो मुझे तो मरना ही है यहां भी और तुम बचा भी लोगे तो बाहर भूखी मरना पड़ेगा

क्रमशः

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