अब मुन्नू की हालत पतली हो जाती है वो कहता है कि कल्लू भैया क्यों गुस्सा करते हैं आप हम लोगों के ऊपर
अच्छा भैया गलती हो गई भैया और पिता जी से मत कहना आप
अच्छा तो हम लोग चलते है
कल्लू कहते है कि बुआ तुमने तो नाक कटवा दी
मुन्नू नीच जाति का है उसके साथ चाय नाश्ता हो रहा है और वो सटकर बैठा हुआ है घर मे कोई नहीं है यहां तो मंगल ही मंगल है
सबको घर से निकलवा दिया तुमने
मत भूलों तुम्हें तुम्हारे कर्मों की सजा मिलेगी
शैल कहती है भूल गए तुम वो दिन जो एक नौकरी के लिए घूम रहे थे मेरी सहेली ने तुम्हें नोकरी लगवाई थी और तुम मुझ पर ही गरज रहे हो
कल्लू कहते हैं कि बुआ वो नौकरी मैंने छोड़ दी जो तुमने लगवाई थी मैं जानता हू की एक दिन तुम मुझे इसका ताना मारेगी क्रमशः

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