देव दासी भाग 511

आखिर देखते ही देखते दूसरे दिन पंडित जी आ जाते हैं और कामिनी की गोद भराई की बात पक्की हो जाती है

अब वीर सिंह के माता-पिता भी पूरी तैयारियां करने मे जुट जाते हैं

वीर सिंह भी आ जाते है उनको भी बताया जाता है कि कामिनी के साथ उनकी बात पक्की हो गई है

वीर सिंह अपने माता-पिता का विरोध नहीं कर सकते थे उन्होंने बस इतना कहा कि अभी शादी की क्या जल्दी है पिताजी अभी तो मैं पूरी तरह संभला भी नहीं हू

वीर सिंह के पिता ने कहा तो फिर जब तुम्हें अपने मन की करना है तो तुम कहीं अलग रहो मेरा अपमान मत करवाना मैंने उन्हें ज़बान दे दी है क्रमशः

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें