कर्म बंधन से मुक्त हम तभी हो सकते हैं जब हम कोई भी भलाई का कार्य करें और तुरंत उसे भूल जाए याद ही ना करें
अगर हम किसी भी रिश्ते से जुड़े हुए है तो हम उस रिश्ते को कर्त्तव्य निष्ठा के साथ निभाए और उसे भुला दें
किसी के भी कार्य को हम याद ना करें कोई हमे बुरा भला कहता है उससे सावधानी से अपने रास्ते से हटाए
जो आपके जीवन से गया हमेशा के लिए या किसी ने आपको धोखा दिया उसे जाने दें उसे दोबारा अपने जीवन मे घुसने का मौका कदापि ना दें
किसी को बहुत याद करने से कर्म बनते है उसके साथ आपका कर्म जुड़ जाएगा और फिर आपको जन्म लेना पड़ेगा
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