खिन्नता होने लगती है कभी कभी इस धोखेबाज प्रवृत्ति के लोगों से, ये ऐसे लोग होते हैं जो प्रेम की कीमत नहीं समझते
केवल स्वार्थ ही समझते है इनका व्यवहार भी कुछ अजीब सा लगता है ये अपने अभिमान के आगे किसी को कुछ नहीं समझते
खिन्नता होने लगती है कभी कभी इस धोखेबाज प्रवृत्ति के लोगों से, ये ऐसे लोग होते हैं जो प्रेम की कीमत नहीं समझते
केवल स्वार्थ ही समझते है इनका व्यवहार भी कुछ अजीब सा लगता है ये अपने अभिमान के आगे किसी को कुछ नहीं समझते
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