उतना ही सहना सीखो जितना आवश्यक हो

अक्सर देखा गया है कि कुछ लोग बहुत ही नम्र और सहनशील होते है बिना किसी गलती के माफ़ी मांग लेते है और एक परिवार को जोड़ कर रखना चाहते हैं

मैंने ऐसा लोगों को भी देखा है जो अपनी जमा पूँजी सभी की भलाई मे खर्च कर देते हैं और बाद मे वे अपनी जरूरत जब पड़ती है तब उनके पास कुछ नहीं होता जिन लोगों की उन्होंने मदद की वे भी दूर दूर हो जाते हैं

मैने ऐसे लोगों को भी देखा है कि उनके लिए लोग अपशब्दों का प्रयोग करते है और वे किसी को कुछ नहीं कहते और आंसू पी पी कर रहते हैं

कुछ लोग सारी जिंदगी दूसरों की खुशियो के लिए अपनी छोटी छोटी खुशियां कुर्बान कर देते हैं और सारी जिंदगी काम किया करते हैं और

जब वो थकने लगते हैं तो उन्हें अपने ही त्याग देते हैं वे अकेले हो जाते हैं

कुछ सोंचा करो मित्रों कुछ सोंचा करो अपने भी जीवन के लिए

उतना ही परोपकार करो जितनी जरूरत है उतना ही किसी की सहो जितना सह सके

अपनी खुशी सभी के लिए कुर्बान ना करो कुछ अपने लिए भी जी लो

किसी से बिना जुर्म के माफ़ी मांग कर आपने उस इंसान को बढावा दे दिया उसे और सिर चढ़ा दिया अब वो आपको अच्छी तरह से तंग करेगा कोई काम नहीं आएगा, काम आएगा आपको शारीर और अपनी बुद्धि

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