मरने की बात कभी नहीं सोचती मैं

मेरे जाने के बाद कोई नहीं याद करेगा मुझे

मैंने शायद ये सोंच कर भूल की की मुझे मरना चाहिए

जीवन मे कई बार ऐसा होता है कि लोगों पर कुछ ऐसी परेशानी आ जाती है कि उनका आत्मबल कमजोर पड़ जाता है और वे लोग भी मेरी तरह बेतुकी बातें सोंचने लगते हैं

मुझे लगता है मेरे जीवन मे वो क्षण आने वाला है जो मेरे लिए सुखद है एक ऐसा क्षण जो सिर्फ मेरा होगा सिर्फ मेरा

मुझे खुशी नहीं चाहिए कोई सुख नहीं चाहिए मुझे तो चाहिए कि तकलीफ सहने की वो शक्ति जो मुझे मजबूत बनाए आगे के जीवन का सामना करने के लिए

मुझे किसी से जीतना नहीं है बस मुझे उन लोगों से दूरी बनानी है जिन लोगों ने मुझे कष्ट दिए

इस तूफान मे मेरा जीवन महफ़ूज़ है, शायद कोई तो है जो किसी का आशीर्वाद है जिसका कोई वज़ूद है

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