बेबसी की मारी भाग 262

मुन्नू कहते हैं कि शैल मैं तो जा रहा हूं और सारी सहेलियाँ कहती है कि हम भी जा रहे हैं परंतु कल्लू कहते हैं कि मैं खुद जा रहा हू तुम लोग पकौड़े खाओ किसी की खुशियां जलाकर किसी को कष्ट देकर किसी को घर से निकलवा कर

और कल्लू वहाँ से तमतमाते हुए चले जाते हैं

शैल को देखकर मुन्नू कहते हैं कि शैल मैं तो तुम्हें बहुत सीधी समझता था और तुमने अपनी भाभी के साथ ऐसा किया

आज से हमारी दोस्ती खत्म और मैं जा रहा हू

और भी सहेलियाँ कहने लगी कि हम भी चलते हैं घर मे बहुत काम है

और सब चले जाते हैं

उनके जाते ही शैल सारे पकौड़े एक डिब्बे मे भरकर रख देती है और गुस्से से बिफर जाती है नागिन की तरह फुंकार मारती है और कहती है कल्लू मैं तुम्हें देख लुंगी। क्रमशः

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