मुन्नू कहते हैं कि शैल मैं तो जा रहा हूं और सारी सहेलियाँ कहती है कि हम भी जा रहे हैं परंतु कल्लू कहते हैं कि मैं खुद जा रहा हू तुम लोग पकौड़े खाओ किसी की खुशियां जलाकर किसी को कष्ट देकर किसी को घर से निकलवा कर
और कल्लू वहाँ से तमतमाते हुए चले जाते हैं
शैल को देखकर मुन्नू कहते हैं कि शैल मैं तो तुम्हें बहुत सीधी समझता था और तुमने अपनी भाभी के साथ ऐसा किया
आज से हमारी दोस्ती खत्म और मैं जा रहा हू
और भी सहेलियाँ कहने लगी कि हम भी चलते हैं घर मे बहुत काम है
और सब चले जाते हैं
उनके जाते ही शैल सारे पकौड़े एक डिब्बे मे भरकर रख देती है और गुस्से से बिफर जाती है नागिन की तरह फुंकार मारती है और कहती है कल्लू मैं तुम्हें देख लुंगी। क्रमशः

टिप्पणी करे