शांति की प्राप्ति



🇲🇰 शान्ति मेरा मूल स्वरूप है।
🇲🇰 शान्ति मेरा स्वधर्म है।
🇲🇰 शान्त रहना मेरा मूल स्वाभाव है।
🇲🇰 शान्ति में ही शक्ति है।
🇲🇰 शान्तिधाम मेरा असली घर है।
🇲🇰 शान्ति के सागर मेरे पिता हैं।
🇲🇰 जिस शान्ति को मैं बाहर ढूंढ रहा हूँ वह तो मेरा मूल स्वरुप है।

🇲🇰 शान्ति, प्रेम, पवित्रता, ज्ञान, शक्ति, सुख और आनंद के अनमोल खजाने से भरपूर होते चले जायेंगे।
🇲🇰 ये अनमोल खजाना हम सभी के पास होते हुए भी इनसे दूर होने का मुख्य कारण अज्ञान अंधकार है।
🇲🇰 वर्तमान समय स्वयं सृष्टि के रचनाकार किसी माध्यम द्वारा, ज्ञान की रोशनी प्रदान कर रहे हैं जैसे जैसे हमें ज्ञान की रोशनी मिलती चली जाती है वैसे-वैसे *हमारा जीवन सुख, शांति,प्रेम, आनंद से भरपूर होता चला जाता है।*
🇲🇰 सत्य ज्ञान की रोशनी से जीवन में सदा के लिए सुख, शांति आ जाती है क्योंकि परमात्मा पिता के साथ मन की तार जुड़ जाते हैं

ये सृष्टि शांत है इस शरीर मे कोई कोलाहल नहीं है

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