आहत भाग 177

अब तो यार भूख लगी है बहुत जोर पहले कुछ खाएंगे दारू पी कर जश्न मनाएंगे

हाँ ठीक है जल्दी जल्दी मटन कबाब निकालो और दारू की बोतल लाओ पहले खाएंगे पिएं फिर मजे करें यार जिन्दगी इसी को कहते हैं और सब जोर जोर से हंसते हुए एक दूसरे को देखने लगते हैं

लाओ यार मुह क्या देख रहे हों तुम सब

क्या यार मेरे पास नहीं है कुछ एक बोला

दूसरा बोला यार मेरे पास भी नहीं है

तीसरा बोला यार मैंने तुम्हीं को तो दिया था सब कुछ

अरे वाह क्यों झूठ बोल रहे हो मैंने ही तो सब खरीदा था

अरे किसको दिया था खाने की चीजे कहा है

इसको दिया था इसको दिया था इसी ने कही रख्खा है

बताओ कहाँ रखा है बॉस ने कहा

अरे हाँ याद आया मैं सामान खरीद कर लाया और इसे दे दिया तुम लोग किसी से बात कर रहे थे

तो इसने किया किया

हा याद आया मैं एक जगह रख कर पेशाब करने चाला गया था शायद वहीँ छुट गया होगा

क्रमशः

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