विचार उड़ान भरते हैं और जमकर हंगामा मचा दिया करते है कहीं भी चले जाते है, विचारों का वेग कितना तेज है ये बिना टिकट कहीं भी पहुंच जाते है
कभी कभी किसी मंदिर मे भी चले जाते हैं और भगवान के दर्शन भी कर आते है और मन्नत भी मांग लेते है शरीर इधर है और विचार उधर है
विचारों की गति हवा से भी तेज होती है विचार बिल्कुल शांत होते है और हमारे अंदर अपनी जगह बना लेते है
हमारे विचारो ने किसी खास व्यक्ति को जगह दे दी है जो हमेशा हमेशा के लिए दूर है या वो इस दुनिया मे नहीं है उसके बारे मे विचारों का पुलिंदा अपने आप हमारे पास आ जाता है
विचार की शक्ति भी प्रबल होती है इनसे लड़ाई-झगड़े नहीं किए जा सकते अगर हम इनसे लगते है तो ये और भी प्रबल हो जाते है
अपने काम मे लगे रहना चाहिए और विचारों से कहना चाहिए कि बाद मे आ जाना पहले मेरा ये काम खत्म हो जाने दो
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