आहत भाग 178

क्या बक रहा हैं तू

कर दिया ना सारा खेल खराब

अब सारी रात भूखे रहना पड़ेगा चलो जाओ लेकर आओ खोज कर लाओ नहीं तो ये पैसे लो दूसरा खरीद कर लाओ

अरे बॉस ये आप क्या कर रहे हों आप जाओ नहीं तो ये फिर भूल जाएगा पता नहीं कौन सी घड़ी मे इसको रखने के लिए दिया था सारा काम चौपट कर दिया इसने

और सारे फिर जाने लगते है

तभी एक कहता है सब जाकर क्या करेंगे इसको यहां छोड़ दो और तुम लोग जाओ

इसको तो लेकर जाएंगे वर्ना ये फिर कुछ गड़बड़ कर सकता है अच्छा तुम रुक जाओ यहां पर

मुझे तुम पर भरोसा है

और सब वहां से चले जाते है एक को वहां पर छोड़ देते हैं लेकिन वो बड़ा डरपोक था वो बाहर ही बैठा रहा

बस दीपेन्द्र को मौका मिल गया और वो धीरे धीरे लड़की के हाथ पैर खोलने लगा

अब उसके हाथ तो खुल गए लेकिन पैर नहीं खुल सके

तभी वो आदमी अंदर आ गया और वो बाहर ही फिर चला गया

दीपेन्द्र देखता है कि वे चारो वहां आ रहे है भागते हुए शायद इनके हाथ मे कुछ खाने का सामान भी है

क्रमशः

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