
आज खुश भी हू और कुछ उदास भी हू आज कि वो आज पढ़ने गया है हॉस्टल मे
कितनी जल्दी वक्त बीत जाता है मित्रों मुझे वो समय याद आ रहा है जब आज से दो दिन पहले 10 जुलाई से मुझे तकलीफ होनी शुरू हो गई थी पेट मे हल्का हल्का दर्द
मैं भी खुश थी कि चलो अब जल्द ही एक दूसरा बच्चा भी आ जाएगा
लेकिन बार बार दर्द होने पर मेरी मम्मी चिंता मे पड़ जाती थी कि शायद आज ही हो जाएगा लेकिन फिर नॉर्मल हो जाता था
अब मेरे बड़े भैया ने कहा कि खतरा मोल लेने का नहीं है इसको एक बार डॉक्टर को दिखाकर आते हैं और वे मुझे अपनी बाईक मे बैठा कर डॉक्टर के पास ले गए उस समय मैं खुश थी मेरे पेट मे बिल्कुल दर्द नहीं हो रहा था
मेरे भैया ने कहा कि पिंकी क्या खाओगे चलो तुम्हें कुछ खिला देता हू मैंने दादा से कहा मैं गर्म गर्म समोसा खाएंगे और लस्सी पियेंगे
दादा ने कहा कि गरम समोसा के साथ लस्सी नहीं पीना है
एक चीज खाओ मैंने कहा कि मैं समोसा खाएंगे
दादा ने कहा कि चलो अंदर चलो देखते हैं कि भीड़ के.है कि खाली जगह है
मैंने कहा नहीं दादा समोसा खाना है मुझे बच्चा पेट मे होने के कारण मैं जिद्दी हो गई थी
अब दादा मुझे हॉस्पिटल के बाहर एक पेंड के नीचे बैठा कर समोसा लेने चले गए
अब मैं वहा पर बैठी ही थी कि एक इमली वाला मुझे दिख गया लेकिन मेरे पास पैसे नहीं थे
अब मैं इमली कैसे खाऊँ
मैं इमली वाले को देख रही थी कि वो कितनी चटपटी इमली बना रहा था उसमे मसाला,पिसा हुआ खूब डाल कर सबको दे रहा था इतने मे एक लड़के ने मुझे देख लिया उसकी भाभी भी उस ही अस्पताल मे भर्ती थी उसके जुड़वाँ बच्चे हुए थे
उसने मुझे देखा वो समझ गया कि मुझे इमली खानी है उसने एक पत्ते मे थोड़ी सी इमली लेकर मुझे दी कहा कि दीदी लो इमली खाओ लेकिन ज्यादा मत खाना इसीलिए थोड़ी लाया हू अब मैंने इमली खानी शुरू कर दी
इमली खाते ही मेरे पेट मे फिर से दर्द उठ गया मैंने बची हुई इमली फेंक दी और रोना स्टार्ट कर दिया
अब वो लड़का परेशान हो गया उसने मुझसे पूछा कि कोण सी डॉक्टर है आपकी, मैंने कहा मधु सिंह है और उस लड़के ने एक कुर्सी मंगवा कर मुझे मधु सिंह के पास छोड़ दिया और वो वहीँ पेंड के नीचे बैठ गया
अब मेरे दादा वहां आए और मुझे वहाँ ना पाकर परेशान हो गए लेकिन वो लड़का वहां मौजूद था उसने सारी बात दादा को बताई दादा के हाथ मे 4 समोसे थे
अब मधु सिंह ने मुझे एडमिट कर किया और कहा कि इसका दर्द रुक जाता है
अब मैंने दादा से कहा दादा समोसा लाए हो ना
वहाँ सब हंसने लगे दादा बोले हाँ लाए है समोसे गर्म गर्म
मैं दो दिन अस्पताल मे भर्ती रही 12 जुलाई को मैंने इसको जन्म दिया 9 महीने लगे थे खूब मस्त था ये ये रो नहीं रहा था इसको दो तीन थप्पड़ मारकर रुलाया गया
फिर जब ये मुझे गोद मे दिया गया तो ये मुझे देख रहा था और मैं इसे देख रही थी तभी नर्से कह रही थी कि दो अनजाने मिले हैं
आज मुझे ये सब बहुत याद आ रहा है मित्रों
आप सबका आशीर्वाद ही इसको आगे बढ़ा देगा thanks friends
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